आर्थिक शुभ संकेतों की बरसातः घटी महंगाई, बढ़ा उत्पादन

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आर्थिक मोर्चे पर मंगलवार को एक के बाद अच्छी खबरों की बरसात हुई। एक तरफ जहां मौसम विभाग ने दो सालों के सूखे के बाद सामान्य से ज्यादा मानसून का अनुमान जताया तो वहीं सरकार ने ऐलान किया कि खुदरा महंगाई दर घट गयी है जबकि औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।
इन अच्छी खबरों को शायद शेयर बाजार ने पहले ही भांप लिया था। नतीजा लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार के दोनों अहम सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मंगलवार को सेंसेक्स 123 अंक और निफ्टी 37 अंक से ज्यादा चढ़ा। सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 348 और 116 अंकों की तेजी आयी थी।
मानसून
मौसम की भविष्यवाणी करने वाली निजी कंपनी स्काईमेट ने सोमवार को सामान्य से बेहतर बारिश का अनुमान लगाया था। आज सरकारी मौसम विभाग ने एक कदम आगे बढ़ते हुए ऐलान कि सामान्य से 6 फीसदी अधिक मानसून रह सकता है। यह लांग टर्म एवरेज का 104 से 110 फीसदी के बीच रह सकता है। मानसून सामान्य से अधिक होने का मतलब है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मे सुधार आएगा, तमाम चीजों की मांग बढ़ेगी, उद्योग की रफ्तार तेज होगी और अंत में पूरी अर्थव्यवस्था में बेहतरी देखने को मिलेगी। ध्यान देने की बात है कि उपभोक्ता सामान की कुल मांग का करीब 40 फीसदी ग्रामीण क्षेत्र से आता है।
रिसर्च एजेंसी इक्रा की वरिष्ठ अर्थशास्त्री अदिती नायर कहती हैं कि सामान्य से ज्यादा मानसून का अनुमान भारी राहत की बात है। लगातार दो साल, सामान्य से कम बारिश होने की वजह से भूजल का स्तर काफी गिर गया और कई जलाशयों में सूखे की स्थिति आ गयी। हालांकि एक चिंता ये है कि बरसात के मौसम के दूसरे हिस्से में ज्यादा बारिश होने की अनुमान है। इससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। फिलहाल, उद्योग संगठन सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी कहते हैं कि सामान्य से ज्यादा मानसून के अनुमान से उद्योग जगत का मूड सुधरेगा। वजह साफ है, गांवों से मांग आएगी तो निवेश में तेजी आएगी। ऐसा हुआ तो आर्थिक विकास दर 8 फीसदी के करीब पहुंच सकती है।
खुदरा महंगाई दर
आर्थिक मोर्चे पर दूसरी अच्छी खबर थी खुदरा महंगाई दर में गिरावट। मार्च में खुदरा महंगाई दर 4.83 फीसदी दर्ज की गयी जबकि फरवरी में ये दर 5.26 फीसदी थी। एक और अच्छी बात ये रही कि खाने पीने की चीजों की महंगाई दर 5.3 फीसदी से घटकर 5.21 फीसदी पर आ गयी। सब्जियों की खुदरा महंगाई दर 0.54 फीसदी रही जबकि फलों के मामले में ये (-) 1.1 फीसदी हो गयी।
हम आपको बता दे कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच हुए समझौते के मुताबिक, कारोबारी वर्ष 2016-17 के दौरान खुदरा महंगाई दर को 2 से 6 फीसदी के बीच रखने का लक्ष्य है। फिलहाल ये दर 5 फीसदी से भी नीचे आ गयी है। इससे रिजर्व बैंक पर ब्याज दर घटाने का दवाब बढ़ेगा। रिजर्व बैंक ने 5 अप्रैल को नीतिगत ब्याज दर में चौथाई फीसदी की कटौती करते वक्त कहा था कि अगर महंगाई दर कम रही और मानसून की चाल बेहतर रही तो ब्याज दर में और कमी का रास्ता खुल सकता है। ताजा आंकड़ें कुछ ऐसी ही कहानी बयां कर रहे हैं। ऐसे में जून में होने वाली कर्ज औऱ मौद्रिक नीति की दो महीने पर होने वाली समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में एक और कटौती की उम्मीद बन रही है।
उद्योग
फरवरी महीने के लिए उद्योग की विकास दर सकारात्मक हो गयी। जनवरी के (-)1.5 फीसदी के मुकाबले फरवरी मे दर 1.5 फीसदी दर्ज की गयी। औद्योगिक उत्पादन की स्थिति बेहतर करने में बिजली, खनन, रत्नाभूषण, सीमेंट और व्यावसायिक गाड़ियों की अहम भूमिका रही। बिजली के मामले में तो उत्पादन बढ़ने की दर करीब-करीब दोहरे अंक में पहुंच गयी।
हालांकि एक परेशानी है, मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण में बढ़ोतरी पौना फीसदी से भी कम है। ध्यान रहे कि इस क्षेत्र में पहिया तेजी से घुमेगा तो इसके कई फायदे होंगे। रोजगार के ज्यादा से ज्यादा मौके बनेंगे तो सरकार के लिए कर से कमाई भी। अब इस क्षेत्र में स्थिति सुधारने के लिए भी रिजर्व बैंक पर नीतिगत ब्याज दरों में एक और कटौती का दवाब बढ़ेगा ताकि सस्ती पूंजी के बदौलत नए-नए उद्योग लगे और पुराने उद्योग का विस्तार हो।

By: शिशिर सिन्हा, एबीपी न्यूज |
Last Updated: Tuesday, 12 April 2016 7:31 PM
Source: http://abpnews.abplive.in/business/good-news-from-everywhere-inflation-reduced-356814/

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