रियल एस्टेट कानून 1 मई से होगा लागू, बिल्डर्स पर कसेगी लगाम

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नई दिल्लीः देश में 1 मई 2016 यानी कल रविवार से रियल एस्टेट रेग्युलेटरी एक्ट लागू हो जाएगा. यह बिल न सिर्फ खरीददारों के हितों की सुरक्षा करता है बल्कि डेवलपरों और बिल्डरों के लिए भी फायदेमंद होगा. इसके बाद बिल्डर्स को पहले से तय समय सीमा के तहत खरीददारों को फ्लैट देना होगा. इस बिल के अंतर्गत रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों तरह के प्रोजेक्ट आएंगे और पैसे के लेन-देन में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी.
मान सकते हैं कि अपनी गाढ़ी कमाई से मकान बुक करने के बाद पूरी तरह बिल्डर के रहमोकरम पर आ जाने का दौर खत्म होगा. वहीं पहली बार लोगों की जिंदगीभर की कमाई के बड़े हिस्से पर पनपने वाला रियल एस्टेट कारोबार एक बेहतर रेगुलेटर की निगरानी में सही काम करेगा.
गौरतलब है कि साल 2013 से ही यह बिल पेंडिंग था. रियल एस्‍टेट (रेग्‍युलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट 2015 को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है. नए नियम के अनुसार पजेशन में देरी होने या कंस्‍ट्रक्‍शन में दोषी पाए जाने पर डेवलपर को ब्‍याज और जुर्माना देना होगा. यानी यह घर-प्रॉपर्टी खरीदने वालों के हितों को सुरक्षित करेगा.
रियल एस्टेट बिल के आने से होंगे ये फायदे
.रियल एस्टेट बिल के अंतर्गत हर राज्य सरकार को साल भर के अंदर अपने यहां रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (आरईआरए) का गठन करना होगा. रियल एस्टेट से जुड़ा सारा बड़ा काम इस अथॉरिटी की निगरानी में चलेगा. बिल्डर को किसी भी मकान की बुकिंग, फ्लैट की बुकिंग कराने से पहले उसे अथॉरिटी में रजिस्टर्ड कराना होगा. बिल्डर को अथॉरिटी को बताना होगा कि प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा. अगर तय समय पर ग्राहक को मकान नहीं मिलता तो मकान बुक करने वाले को मय ब्याज के रकम वापस लेने का अधिकार होगा. इसके अलावा बिल्डर को अथॉरिटी की तरफ से तय किए गए जुर्माने या दंड का सामना भी करना होगा. बिल्डर यदि ऐसे प्रॉजेक्ट्स को कस्टमर को बेचते हैं जो रजिस्टर्ड नहीं हैं तो उनके प्रोजेक्ट पर पेनल्टी लगेगी.नए कानून के अनुसार डेवलपर को प्रोजेक्ट की बिक्री सुपर एरिया पर नहीं कॉरपेट एरिया पर करनी होगी. डेवलपर को प्रोजेक्ट का पजेशन देने के तीन महीने के अंदर रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन को हैंड ओवर करना होगा.
.बिल में खास बात यह कही गई है कि डेवलेपर जो पैसा उपभोक्ताओं से लेते हैं, उस राशि का 70 फीसदी हिस्सा उन्हें अलग से बैंक में रखना होगा. इसका इस्तेमाल वह सिर्फ और सिर्फ कंस्ट्रक्शन कार्य में ही कर सकता है. बाकी बचे पैसे का इस्तेमाल वह अन्य कामों के लिए कर सकता है. पहले बिल्डर इस पैसे का इस्तेमाल अपने दूसरे कामों या प्रोजेक्ट्स में कर लेता था जिसके चलते किसी खास प्रोजेक्ट में देरी हो जाती थी.
.यह बिल कर्मशियल और रेजिडेंशियल दोनों तरह के प्रोजेक्ट्स/प्रॉपर्टी पर लागू होगा और पैसे के लेन-देन पर पूरी नजर रखी जाएगी. ऐसे में यदि दुकान आदि के लिए जगह ली जाएगी तो भी आपके हितों की रक्षा इस बिल के दायरे में होगी.
.रियल एस्टेट एजेंट्स भी रेगुलेटरी अथॉरिटी के साथ रजिस्टर होंगे लिहाजा एजेंट्स के हाथों धोखाधड़ी की संभावना कम से कम होगी. एजेंट्स केवल वे ही प्रोजेक्ट्स बेच पाएंगे जो रजिस्टर्ड हैं.
.इस बिल के लागू होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि डेवलपर की किसी भी प्रोजेक्ट की जानकारी सार्वजनिक रहेगी. पहले खऱीददार केवल वही जान पाता था जो उसे बिल्डर बताते थे लेकिन अब अथॉरिटी की वेबसाइट के जरिए प्रोजेक्ट से जुड़ी वो सारी जरूरी और मामूली जानकारी खरीददार को मिल पाएगी जिनके लिए वह अब तक केवल प्रोजेक्ट निर्माता पर निर्भर था.
.प्रोजेक्ट में तब तक कोई बदलाव नहीं किया जा सकता जब तक की खरीददार की अनुमति न हो. नियमों का उल्लंघन करने पर पेनल्टी और जेल की सजा तक का प्रावधान है.
.अगर कोई डेवलपर बायर्स के साथ धोखाधड़ी करने का दोषी पाया पाया जाएगा तो नए बिल के अंतर्गत उसे 3 साल की सजा मिलेगी. नए कानून में रियल एस्‍टेट सेक्‍टर के एक सेंट्रल रेग्युलेटर बनाने, बिल्‍डर को प्रत्‍येक प्रोजेक्ट के लिए एस्क्रो अकाउंट खोलने जैसे कुछ ठोस प्रावधान किए गए हैं. इससे शिकायतों का समय से निपटारा हो पाएगा.
.हालांकि छोटे बिल्डर्स के साथ कोई ज्यादती ना हो इसके लिए इस बिल में ये प्रावधान है कि 500 वर्गमीटर के प्लॉट या 8 फ्लैट तक बनाने वाले छोटे डेवलपर को अथॉरिटी में रजिस्ट्रेशन कराने से छूट मिलेगी.
मान सकते हैं कि नए रियल एस्टेट बिल के लागू होने के बाद देश के रियल एस्टेट कारोबार में पारदर्शिता आएगी और इस सेक्टर के प्रति लोगों का भरोसा लौटेगा जो हाल की कुछ घटनाओं के चलते पूरी तरह उठ चुका है. हाल ही में शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने भी कहा था कि रियल एस्टेट बिल लागू होने के बाद कानून की सख्त कार्रवाई के डर से बिल्डर्स पर लगाम कस पाएगी. वहीं डेवलपर्स को उम्मीद है कि बढ़े हुए भरोसे के दम पर रियल्टी सेक्टर की सुस्ती दूर हो पाएगी.

By: एबीपी न्यूज वेब डेस्क |
Last Updated: Saturday, 30 April 2016 10:46 PM
Source: http://abpnews.abplive.in/business/real-estate-bill-to-come-into-force-from-may-1-366901/

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