लंदन कोर्ट में आज पेश होगा माल्या, एक्स्ट्राडीशन केस की चल रही है सुनवाई

bhadwa
शराब कारोबारी विजय माल्या शुक्रवार को लंदन के कोर्ट में पेश होगा। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में उसे भारत लाने के लिए एक्स्ट्राडीशन (प्रत्यर्पण) केस की सुनवाई है। कोर्ट में मौजूद रहने से छूट मिलने के बाद भी माल्या पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद था। बता दें कि माल्या 2016 से लंदन में है। भारत ने ब्रिटेन सरकार से उसके प्रत्यर्पण की अपील की थी। इस पर लंदन एडमिनिस्ट्रेशन ने माल्या को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 18 अप्रैल को अरेस्ट किया था, हालांकि उन्हें 3 घंटे में जमानत मिल गई थी। माल्या पर 17 बैंकों के 9,432 करोड़ रुपए बकाया हैं। माल्या के खिलाफ काफी सबूत…
– इस दौरान कोर्ट के बाहर मीडिया से माल्या ने कहा था कि देखते हैं कि वे क्या सबूत देते हैं। हम हमारी केस लड़ेंगे। इस दौरान माल्या ने सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स कोर्ट को सौंपे थे। दूसरी ओर, भारतीय अफसरों ने दावा किया है माल्या के खिलाफ सरकार के पास काफी सबूत हैं।
कोर्ट के बाहर क्या बोले थे माल्या
13 जून को हुई सुनवाई में माल्या को 4 दिसंबर तक बेल मिली। कोर्ट के बाहर उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। बेटा सिद्धार्थ माल्या और वकील क्लेयर माउंटगोमरी उनके साथ थे।
– माल्या ने कहा था, “मैं सभी आरोपों से इनकार करता हूं। मैं किसी भी अदालत से भाग नहीं रहा। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मेरे पास काफी सबूत हैं।” यह पूछने पर कि उन पर जो अरबों का कर्ज है, उसका क्या होगा, माल्या ने मीडिया पर भड़कते हुए कहा- आप अरबों के सपने देखते रहिए।
– इससे पहले माल्या के मामले में अप्रैल में सुनवाई हुई थी। तब स्कॉटलैंड यार्ड ने माल्या को कोर्ट में पेश किया था। गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद ही माल्या को 4.5 करोड़ रुपए के बॉन्ड और पासपोर्ट जमा करने की शर्त पर जमानत मिल गई थी।
ईडी ने 5000 पेज की चार्जशीट दाखिल की
– एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने PMLA(प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट में माल्या के खिलाफ 5000 पेज की चार्जशीट दाखिल की। इसमें सिलसिलेवार बताया गया कि 400 करोड़ रुपए देश के बाहर कैसे भेजे गए और इसमें कानून कैसे तोड़ा गया।
– चार्जशीट में कहा गया है कि किंगफिशर एयरलाइंस की बेहद खराब फाईनेंशियल कंडीशन के बावजूद आईडीबीआई ने 860.92 करोड़ रुपए का लोन दिया, जबकि माल्या की एयरलाइंस निगेटिव नेट वर्थ और कम क्रेडिट रेटिंग से गुजर रही थी। चार्जशीट में इसे आपराधिक साजिश के तौर पर दर्ज किया गया है।
– PMLA कोर्ट ने चार्जशीट पर सुओ मोटो लेते हुए माल्या के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी कर दिया। यह मामला आईडीबीआई बैंक से लिए 900 करोड़ के लोन से जुड़ा है। इससे पहले भी सीबीआई ने माल्या के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया था।
# ऐसे समझें पूरा मामला
कब हुई थी माल्या की गिरफ्तारी?
– 2 मार्च 2016 से ही माल्या लंदन में रह रहे हैं। ईडी और सीबीआई को माल्या की तलाश थी। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) से जुड़े एक मामले में मुंबई की स्पेशल कोर्ट माल्या को भगोड़ा घोषित कर चुकी थी। माल्या का पासपोर्ट भी रद्द किया गया था। इसी साल फरवरी में भारत ने यूके से माल्या की वापसी के लिए रिक्वेस्ट भेजी थी।
– इसके बाद मार्च में ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे ने लंदन में अरुण जेटली से प्रोटोकॉल तोड़कर मुलाकात की थी। इस मुलाकात में माल्या को भारत को सौंपने पर चर्चा हुई थी। मार्च में ही यूके ने भारत को बताया था कि उसकी रिक्वेस्ट को फॉरेन मिनिस्ट्री ने सर्टिफाई कर दिया है।
– यूके गवर्नमेंट ने आगे की कार्रवाई के लिए केस को डिस्ट्रिक्ट जज के पास भेजा। इसके बाद माल्या को एक्स्ट्राडीशन वारंट पर बीते अप्रैल अरेस्ट किया गया। वारंट जारी होने के बाद माल्या खुद सेंट्रल लंदन पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
माल्या पर कितना कर्ज?
– 31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइन्स पर बैंकों का 6,963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर इंटरेस्ट के बाद माल्या की टोटल लायबिलिटी 9,432 करोड़ रुपए हो चुकी है।
– सीबीआई ने 1000 से भी ज्‍यादा पेज की चार्जशीट में कहा कि किंगफिशर एयरलाइन्स ने IDBI की तरफ से मिले 900 करोड़ रुपए के लोन में से 254 करोड़ रुपए का निजी इस्‍तेमाल किया।
– किंगफिशर एयरलाइन्स अक्टूबर 2012 में बंद हो गई थी। दिसंबर 2014 में इसका फ्लाइंग परमिट भी कैंसल कर दिया गया।
– डेट रिकवरी ट्रिब्‍यूनल ने माल्या और उनकी कंपनियों UBHL, किंगफिशर फिनवेस्ट और किंगफिशर एयरलाइन्स से 11.5% प्रति साल की ब्याज दर से वसूली की प्रॉसेस शुरू करने की इजाजत दी थी।
DainikBhaskar.com को बताई थी बैंकों का पैसा लौटाने की शर्त
– गिरफ्तारी के बाद DainikBhaskar.com से बातचीत में माल्या ने कहा था कि वो बैंकों के साथ 9 हजार करोड़ रुपए के लोन का सेटलमेंट करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने एक बार में सेटलमेंट करने के लिए 6868 करोड़ रुपए देने की बात कही थी।
– माल्या ने ये जवाब उस सवाल पर दिया, जिसमें पूछा गया था कि जांच एजेंसियों को को-ऑपरेट करने और बैंकों के पैसे लौटाने के लिए आपकी क्या शर्तें हैं?
– माल्या ने कहा था, “सबको मेरी तरफ से बैंकों को दिए सेटलमेंट ऑफर से जुड़ी शर्त और कर्नाटक हाईकोर्ट की कानूनी कार्यवाही ऑब्जर्व करने की जरूरत है।”

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Don't have account. Register

Lost Password

Register