सेना के लिए गोलाबारूद की खरीद एक लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया: सीतारमण

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गांधीनगर/नई दिल्ली: रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (11 सितंबर) को कहा कि सशस्त्र बलों के लिये हथियार, गोला-बारूद तथा अन्य सामग्री की खरीद-फरोख्त एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है और जोर देकर कहा कि अगर इसमें कोई ‘‘अंतर’’ होगा, तो इसे जल्द भरा जायेगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने ‘‘कैग की रिपोर्ट के बारे में कुछ नहीं बोला’’ जिसमें कहा गया था कि सुरक्षा बलों के पास केवल इतना गोला-बारूद है जो युद्ध की स्थिति में 20 दिन चल सकता है.

सीतारमण ने गांधीनगर में भाजपा मुख्यालय में मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘बाड़मेर में मुझसे कल (रविवार, 10 सितंबर) यह सवाल पूछा गया कि क्या भारतीय सेना गोला-बारूद की कमी का सामना कर रही है. मैंने संवाददाताओं को बताया कि सेना में गोला-बारूद की खरीद एक सतत प्रक्रिया है, कई बार एक तरह का गोला-बारूद खरीदा जाता है तो कई बार जरूरत के मुताबिक दूसरी तरह का.’’

मंत्री ने कहा, ‘‘अगला सवाल पूछा गया कि कैग कह रहा है कि गोला-बारूद की कमी है, लेकिन दूसरे लोग भी पूछ रहे हैं. आज मैं यह देखकर हैरान हूं कि कुछ खबरों में कहा गया कि निर्मला सीतारमण ने कहा कि कैग रिपोर्ट गलत है. मैंने कैग की रिपोर्ट के बारे में कुछ नहीं कहा.’’ उन्होंने ट्विटर पर भी इस मुद्दे पर सफाई दी.

सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘मुझसे पूछे गये सवाल में कैग का कोई संदर्भ नहीं था. मेरा जवाब था कि खरीद एक सतत प्रक्रिया है और अंतर को पाटा जायेगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने किसी भी जवाब में मैंने कैग का जिक्र नहीं किया. दो बातों को जोड़कर एक उद्धरण बनाया गया, जो कतई मेरा नहीं है.’’ बाड़मेर में कल मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के पास गोला-बारूद की कमी पर कोई भी बहस ‘‘अनावश्यक’’ है.

पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री बनने के बाद सीमावर्ती इलाके के अपने पहले दौरे में सीतारमण ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ‘‘पूर्ण तैयारी’’ के लिये सुरक्षा बलों की जो भी जरूरत हो उसे उपलब्ध कराया जाये. ‘‘किसी कमी’’ की स्थिति में उन्होंने कहा कि वह उन मुद्दों पर शीघ्रता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ चर्चा करेंगी जिससे इसे सुलझाया जा सके.

रक्षा मंत्री सीतारमण ने कैग रिपोर्ट को नकारा, कहा- हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय सेनाएं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. रविवार (10 सितंबर) को एक दिवसीय बाड़मेर दौरे पर आईं रक्षा मंत्री ने पश्चिमी सीमा के उत्तरलाई वायुसेना स्टेशन पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह चुनना सही नहीं होगा कि भारत को पाकिस्तान और चीन में से बड़ा खतरा किससे है. उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना ही कहूंगी कि भारत हरस्थिति से निपटने के लिये तैयार है.’ थल सेना प्रमुख के हालिया बयान पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि वे युद् के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेगी, जिसमें उन्होंने देश को दोनों मोर्चों- पाकिस्तान और चीन से युद्ध के लिये तैयार रहने की बात कही है. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता रहेगी कि सैन्य तैयारियों में कोई कमी नहीं रहे और भारतीय सेना को और ज्यादा मजबूती प्रदान करने की दिशा में हरसंभव कदम उठाए जायेंगे.

हालिया कैग रिपोर्ट को खारिज करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह गलत तथ्य है और इस पर चर्चा करना अनावश्यक होगा, जिसमें सेनाओं के पास युद् की स्थिति में मात्र दस दिन के लिये गोलाबारूद होने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री का पदभार संभालने के बाद उन्होंने इस मामले में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, विशेषज्ञों से चर्चा की है. उन्होंने कहा कि सेना के लिये हथियारों और संसाधनों की खरीद एक सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने दावा किया कि भारतीय सेना के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है.

सीतारमण ने कहा कि पदभार संभालने के बाद उन्होंने सैन्य अधिकारियों, विशेषज्ञों से कई दौर की मुलाकात की है और उसके बाद इस बारे में प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से भी मिली है. उन्होंने कहा कि सैन्य तैयारी उनकी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और सेनाओं के लिये संसाधनों और हथियारों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. एक अन्य सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा कि जम्मू कश्मीर में केन्द्र सरकार जम्मू कश्मीर सरकार के साथ मिलकर आतंकवाद से निपटने के लिये हर जरूरी कदम उठा रही है.



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