पूरे होंगे अब बुलेट ट्रेन के सपने : मोदी

bullet train
अहमदाबाद. जापान के पीएम शिंजो आबे और नरेंद्र मोदी ने यहां के साबरमती स्टेडियम ग्राउंड में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव रखी। इस मौके पर मोदी ने कहा- ये न्यू इंडिया है, इसकी इच्छा शक्ति असीमित है। आज भारत ने अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए बहुत बड़ा दिन है। मैं इस भूमिपूजन के मौके पर कोटि-कोटि शुभकामनाएं देता हूं।” इससे पहले शिंजो आबे ने अपनी स्पीच की शुरुआत नमस्कार कर की। आबे ने कहा- “मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी एक वैश्विक नेता हैं। दो साल पहले उन्होंने बुलेट ट्रेन और न्यू इंडिया का फैसला लिया। मैंने और जापानी कंपनियों ने उनके सपने को पूरा करने के लिए प्रतिज्ञा ली है।” उनसे पहले, गुजरात के सीएम  विजय रूपाणी, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने स्पीच दी। बता दें कि 1.20 लाख करोड़ का ये प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा हो जाएगा। इस ट्रेन के चलने से मुंबई-अहमदाबाद के बीच 500 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे में तय की जा सकेगी। मोदी ने और क्या कहा:
– नरेंद्र मोदी, ”मेरे करीबी मित्र शिंजो आबे का गुजराज की धरती पर बहुत स्वागत करता हूं। दुनिया के एक नेता ने, जापान के पीएम ने, मेरे खास दोस्त का आपने को स्वागत किया। जो वातावरण बनाया उसके लिए मैं आप सबका आभारी हूं। दोस्तों कोई भी देश अधूरे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता है। सपनों की उड़ान ही देश को आगे लेकर जाती है। ये न्यू इंडिया है, इसकी इच्छा शक्ति असीमित है। आज भारत ने अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है। मैं इस भूमिपूजन के मौके पर कोटि-कोटि शुभकामनाएं देता हूं।”
ये प्रोजेक्ट सुरक्षा, रोजगार और रफ्तार लाएगा
मोदी ने कहा- बुलेट ट्रेन एक ऐसा प्रोजेक्ट है जो सुरक्षा, रोजगार और रफ्तार लाएगा। आज का दिन दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक और भावात्मक मौका है। एक अच्छा दोस्त सीमा और समय से परे होता है और जापान ने आज ये दिखा दिया है। आज इतने कम समय में इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन हो रहा है तो इसका पूरा श्रेय आबे को जाता है। उन्होंने पूरी रुचि लेकर कहा कि इसें कहीं कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।”
हाई स्पीड कॉरिडोर के पास शहर बसेंगे
– मोदी ने कहा- “मानव सभ्यता में गांव नदी के किनारे बसते थे। आज जहां से हाईवे गुजरते हैं वहां लोग बसने लगे। आगे हाई स्पीड कॉरिडोर के पास शहर बसेंगे। ट्रांसपोर्ट सिस्टम देश में कनेक्टिविटी का आधार बनाती है। जो लोग अमेरिका के बारे में जानते हैं उन्हें पता है कि कैसे रेलवे शुरू होने के बाद वहां आर्थिक विकास हुआ। 1964 में जापान में बुलेट ट्रेन चली तो कैसे जापान में विकास हुआ। रूस, चीन में भी बुलेट ट्रेन चलती है।”
– समय के साथ बदलाव जरूरी है। छोटे-छोटे प्रयास किए गए हैं। नई चीजें जोड़ी गई हैं। समय ज्यादा इंतजार नहीं करता है। टेक्नोलॉजी बदली है। हाई स्पीड कनेक्टिविटी पर हमारा जोर है। इससे स्पीड बढ़ेगी, दूरी कम होगी। प्रोडक्टिविटी से आर्थिक विकास बढ़ेगा। हमारा जोर है मोर प्रोडक्टिविटी फॉर हाई कनेक्टिविटी।
बुलेट ट्रेन जापान की भारत को एक सौगात है
मोदी ने कहा- “हम गुजराती जब भी कोई सामान खरीदने जाते हैं तो उसका घाटा और फायदा पहले देखते हैं। एक छोटा लोन लेने के लिए भी दस बैंकों में चक्कर काटते हैं। बहुत बारीकी से देखते हैं कि जब लोन खत्म होगा तो कितना रुपया देना होगा। अहमदाबादी तो ये अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन कल्पना करो कि कोई ऐसा बैंक नहीं मिल सकता है जैसा आबे की तरह दोस्त मिला। जिसने बुलेट ट्रेन के लिए 88 हजार करोड़ रुपया सिर्फ 0.1% ब्याज पर प्रोजेक्ट के लिए लोन दिया है।”
– ” बुलेट ट्रेन जापान की भारत को एक सौगात है। मैं उनका बहुत आभारी हूं कि वो तकनीक और लागत से हमारे साथ जुड़ा है। इससे 500 किलोमीटर दूर बसे लोग पास आ जाएंगे। ये ट्रेन 2 से 3 घंटे में मुंबई पहुंचेगी। अगर हम हवाई सफर से इसकी तुलना करें तो जितना वक्त आपको एयरपोर्ट की फार्ममैलिटीज को पूरा करने में लगते हैं, उससे आधा वक्त लगेगा। हाईवे पर ट्रैफिक का दवाब कम होगा। हाईस्पीड कॉरिडोर से स्पीड बढ़ेगी। सामानों की ढुलाई भी सरल होगी। देश को एक नई रफ्तार मिलेगी।”
शिंजो आबे ने कहा: JAPAN का JA और INDIA का I बनकर JAI बनता है
– शिंजो आबे ने कहा- ”जापान मेक इन इंडिया के लिए तैयार है। अगर हमारी टेक्नोलॉजी और भारत की मेन पॉवर साथ काम करें तो भारत दुनिया का कारखाना बन सकता है। जापान की शिंकान्सेन सर्विस में एक भी हादसा नहीं हुआ। हमारे रेल प्रोजेक्ट की एक टीम इस साल भारत आएगी और यहां सेफ्टी को लेकर काम करेगी। मैं एक बार फिर कहना चाहता हूं कि जापान और भारत के रिश्ते ग्लोबल पार्टनरशिप के रूप में पनपे हैं।”
– ”दोनों देश कई परंपराओं में विश्वास रखते हैं। हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र के सभी देश अपनी संप्रभुता के लिए काम करते हैं। JAPAN का JA और INDIA का I मिला दिया जाए तो हिंदी में JAI बन जाता है। जय जापान, जय हिंद।”
– ”मैं जब एयरपोर्ट पर उतरा तो बहुत सुंदर नजारे देखने को मिले। चाहता हूं कि अगली बार जब भारत आऊं तो बुलेट ट्रेन की खिड़की से मोदीजी के साथ ये नजारे देखूं। मुझे गुजरात बहुत पसंद है।”
अपडेट्स:
10.20 AM:शिंजो आबे स्पीच की शुरुआत की।
10.16 AM:मोदी- आबे ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव रखी।
10.10 AM: गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने कहा, ”मैं पीएम शिंजो आबे और मोदीजी का बहुत स्वागत करता हूं। मोदी की वजह से जापान और गुजरात के रिश्ते काफी पुराने हैं। बुलेट ट्रेन के लिए अहमदाबाद को चुना गया इसके लिए मैं उनका आभारी हूं। ये प्रोजेक्ट गुजरात के लिए विकास लेकर आएगा। बुलेट ट्रेन अहमदाबाद और मुंबई को जोड़ेगी।”
10.02 AM: महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ”आज का दिन देश के लिए ऐसिहासिक है। मोदी के न्यू इंडिया की नींव रखी जा रही है। मैं आभारी हूं कि देश की पहली बुलेट ट्रेन महाराष्ट्र और गुजरात को मिल रही है। इससे दोनों राज्यों के साथ पूरे देश को फायदा होगा। इससे हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा। मैं जापान के पीएम शिंजो आबे और नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं दोनों पीएम से निवेदन करता हूं कि जब इस प्रोजेक्ट का काम पूरा हो जाएगा तो आप इसी में बैठकर अहमदाबाद से मुंबई आएं और वहीं इसका इनॉगरेशन करें।”
9:50 AM:रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 88 हजार करोड़ रुपए की मदद से बुलेट ट्रेन की सुविधा आम लोगों को सस्ती दरों पर मिलेगी। लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। ये प्रोजेक्ट भारत में बड़ा बदलाव लेकर आएगा। आज भारत में ऑटो-इंडस्ट्री, आर्थिक विकास और रोजगार का मुख्य साधन है। जब राजधानी एक्सप्रेस शुरू हुई तो लोगों ने इसका विरोध किया था, लेकिन आज हर कोई इसमें सफर करना चाहता है। बुलेट ट्रेन मोदी ने न्यू इंडिया विजन को पूरा करेगी।
9:45 AM:दोनों पीएम ने प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी के बारे में सुना।
9:35 AM:जापान के पीएम शिंजो आबे और मोदी साबरमती स्टेडियम ग्राउंड पहुंचे।
कैसी है हाई स्पीड ट्रेन
1) प्रोजेक्ट की कॉस्ट
– मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कॉस्ट 1.20 लाख करोड़ रुपए है। जापान महज 0.1 इंट्रेस्ट रेट पर 50 साल के लिए करीब 88 हजार करोड़ रुपए का कर्ज दे रहा है। यानी ये बहुत सस्ता कर्ज है। मेक इन इंडिया के तहत देश में 2025 तक सस्ती बुलेट ट्रेनें बनेंगी। इससे इम्पोर्ट का पैसा बचेगा। इस प्रोजेक्ट में ट्रेन-ट्रैक-इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हर किलोमीटर के लिए 263 करोड़ रुपए लगेंगे।
2) कितनी दूरी, कितनी रफ्तार
– यह बुलेट ट्रेन 2022 तक चलाई जानी है। 508 किमी के मुंबई-अहमदाबाद रूट पर बुलेट ट्रेन की मैक्जिमम स्पीड 350 किमी/घंटा होगी। यह 12 स्टेशनों से गुजरकर तीन घंटे में मुंबई से अहमदाबाद पहुंचेगी। 2022 तक ये प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है।
3) कैसा होगा रूट
– 508 किमी में से 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा। 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे।
4) कितने कोच, कितने पैसेंजर्स
– इस बुलेट ट्रेन की शुरुआत 10 कोच वाली ट्रेन के साथ होगी। इसमें 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। ट्रेन में हर दिन 36,000 पैसेंजर्स सफर करेंगे। यह ट्रेन रोजाना 35 फेरे लगाएगी।
5) कितना वक्त लगेगा
– 350 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली ये बुलेट ट्रेन अगर सभी 12 स्टेशंस पर रुकती है तो 2 घंटे 58 मिनट में मुंबई से अहमदाबाद पहुंचेगा। अगर ये ट्रेन 4 स्टेशंस पर रुकेगी तो ये 2 घंटे 7 मिनट में मुंबई से अहमदाबाद पहुंचेगी।
ये हैं 12 स्टेशन: मुंबई BKC, ठाणे, विरार, भोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भड़ूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती को कवर करेगी।
6) कितना किराया
– मुंबई-अहमदाबाद के बीच अभी हवाई किराया 3500 से 4000 रुपए के आसपास है। बुलेट ट्रेन में यह किराया 2700 से 3000 रुपए के बीच हो सकता है। बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद का एक महीने का एयर फेयर 1500-3500 रुपए है। वहीं 5.25 मिनट लेने वाली दुरंतो का किराया 2000 रुपए है।
7) भारत-जापान दोनों के लिए जरूरी
– जापान इंडोनेशिया में इसी तरह का प्रोजेक्ट हासिल करना चाहता था, लेकिन वहां यह प्रोजेक्ट चीन को मिल गया। लिहाजा, जापान के लिए मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट अहम है। भारत के लिए यह माना जा रहा है कि बुलेट ट्रेन 160 साल पुरानी भारतीय रेल में नया रिवॉल्यूशन लाएगी।
शिंजो आबे का 14 सितंबर का शेड्यूल
– सुबह 9 बजे :
मोदी और आबे साबरमती स्टेडियम ग्राउंड में पहुंचेंगे। यहां 11 बजे तक बुलेट ट्रेन के भूमिपूजन का प्रोग्राम चलेगा। दोनों पीएम सिम्युलेटर में बैठकर दिखाएंगे कि बुलेट ट्रेन कैसी होगी।
– सुबह 11:30 बजे : मोदी और आबे दांडी कुटीर संग्रहालय जाएंगे।
– सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे : महात्मा गांधी मंदिर में दोनों नेताओं के बीच समिट होगी। यह जुलाई 2001 में पाकिस्तान के प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ के साथ आगरा में हुई समिट के बाद संभवत: दूसरा मौका होगा जब किसी देश के नेता के साथ दिल्ली से बाहर किसी शहर में समिट होगी। इस समिट के दौरान 5 लाख करोड़ रुपए के करार हो सकते हैं।
– दोपहर 1 बजे :मोदी और आबे की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी।
– दोपहर 1:30 बजे :दोनों नेता डेलिगेशन लेवल के लंच में हिस्सा लेंगे।
– दोपहर 2:30 बजे :भारत-जापान के इंडस्ट्रियलिस्ट्स के साथ इंटरेक्टिव सेशन होगा।
– दोपहर 3:45 बजे: महात्मा गांधी मंदिर में डेलिगेशन लेवल की मुलाकात।
– शाम 4 बजे : मोदी-आबे इंडिया-जापान बिजनेस प्लानिंग पर चर्चा करेंगे। शाम 6:30 बजे : अाबे हयात होटल लौट जाएंगे।
– शाम 6:45 बजे से रात 8:15 बजे :साइंस सिटी में गुजरात के सीएम आबे के सम्मान में डिनर देंगे। रात 9:20 बजे : शिंजो आबे अहमदाबाद से रवाना हो जाएंगे।
पहले दिन क्या हुआ?
1) मेगा रोड शो

– अहमदाबाद पर नरेंद्र मोदी ने शिंजो आबे का गले लगकर गर्मजोशी से स्वागत किया। जापान के पीएम और उनकी पत्नी के साथ मोदी ने एयरपोर्ट से साबरमती आश्रम तक 8 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। शिंजो आबे मोदी जैकेट पहने नजर आए तो उनकी पत्नी आकी आबे सलवार कुर्ते में नजर आईं।
2) साबरमती आश्रम दौरा
– मोदी-आबे बुधवार को साबरमती आश्रम भी गए। यहां आबे ने गांधी जी की तस्वीर पर सूत की माला चढ़ाई। आबे और उनकी पत्नी ने साबरमती आश्रम में विजिटर्स बुक में अपने अनुभव लिखे।
3) सिद्दी सैयद मस्जिद गए
– नरेंद्र मोदी ने 444 साल पुरानी मस्जिद ‘सिद्दी सैयद की जाली’ में भी आबे की अगवानी की। भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान ये मस्जिद 1573 में बनवाई गई थी।4) आगाशिए में रेस्टोरेंट में गए
– सिद्दी सैयद की जाली मस्जिद के बाद फिर मोदी और शिंजो आबे होटल हाउस ऑफ एमजी पहुंचे। यहां आगाशिए रेस्टोरेेंट में शिंजो आबे को गुजराती डिशेज परोसी गईं।

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