उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा- सरकार प्राइवेट पार्टी है क्या?

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नई दिल्ली/देहरादून : उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का मामला नैनीताल हाईकोर्ट में है. गुरूवार को उत्तराखंड में सरकार के विवाद में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कड़ा सवाल पूछा है. अदालत ने पूछा है कि क्यों नहीं एक हफ्ते के लिए राष्ट्रपति शासन हटाकर सरकार बनाने का मौका देते हैं.
कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा है कि ?सरकार प्राइवेट पार्टी है क्या?? कल इसी कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति राजा नहीं हैं. वो भी गलत हो सकते हैं. उनके फैसले की भी कोर्ट समीक्षा कर सकता है. हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया था.
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति पर कोर्ट की टिप्पणी को गृह मंत्रालय ने अनुचित माना है. इस टिप्पणी को निरस्त करने के लिए गृह मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है. हाईकोर्ट में राष्ट्रपति शासन की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन अस्थायी है और सिर्फ दो महीने में खत्म हो जाएगा.
गौरतलब है कि उत्तराखंड में पिछले महीने कांग्रेस के 9 विधायकों ने बगावत कर दी थी और बीजेपी के साथ खड़े हो गए थे. बागी विधायक और बीजेपी के विधायक हरीश रावत सरकार से बहुमत परीक्षण कराने की मांग कर रहे थे. राष्ट्रपति ने जिस दिन राज्य में राष्ट्रपति शासन का आदेश दिया, उससे कुछ ही घंटे के अंदर विधानसभा स्पीकर ने 9 बागी कांग्रेस विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी.

By: एबीपी न्यूज |
Last Updated: Thursday, 21 April 2016 11:30 AM
Source: http://abpnews.abplive.in/india-news/hc-on-uttarakhand-government-issue-361394/

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