Zee जानकारी : जानिए! भारतीय रेल और रेल बजट की रोचक बातें

104537-zee-jankari.jpg

नई दिल्ली : क्या भारतीय रेलवे एक नया जन्म लेने के ट्रैक पर है? भारत में हर दिन करीब ढाई करोड़ लोग रेल से यात्रा करते हैं और ये संख्या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की आबादी से भी ज़्यादा है। भारत का रेलवे नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है।; – दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क अमेरिका में है जहां रेलवे को सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट सेक्टर चलाता है। अमेरिका में प्रति किलोमीटर ट्रैक पर आबादी का बोझ सिर्फ़ 1 हज़ार 373 लोगों का है।; – दूसरे नंबर पर चीन है जहां रेलवे सरकार चलाती है। यहां पर प्रति किलोमीटर ट्रैक पर आबादी का बोझ 11 हज़ार 218 लोगों का है। इसके बाद रूस का नंबर आता है। यहां भी रेलवे सरकार चलाती है। यहां पर प्रति किलोमीटर ट्रैक पर आबादी का बोझ 1 हज़ार 669 है। इसके बाद भारत चौथे नंबर पर है जहां प्रति किलोमीटर ट्रैक पर आबादी का बोझ है 18 हज़ार 390 लोगों का। इस बोझ को उठाकर भारतीय रेल कैसे अपने Version 2.0 तक पहुंचेगी ये बड़ा सवाल है।; – वर्ष 1924 के पहले तक ब्रिटिश भारत में रेल बजट आम बजट का ही हिस्सा होता था।; – 1921 में रेलवे पर बनी एक ब्रिटिश कमेटी ने रेल बजट को आम बजट से अलग करने की सिफारिश की थी।; – इसके बाद 1924 से ब्रिटिश भारत में रेल बजट अलग से पेश किया जाने लगा।; – ब्रिटिश भारत में अलग से रेल बजट इसलिए ज़रूरी था क्योंकि आम बजट का 85% हिस्सा रेल बजट ही होता था। आज की स्थिति ये है कि रेल बजट देश के आम बजट का सिर्फ़ 4 फीसदी है।; – वर्ष 1951 में सार्वजनिक परिवहन में रेलवे का हिस्सा 75% था जो अब घटकर सिर्फ़ 20% ही रह गया है।; – देश के संविधान में अलग रेल बजट का कोई उल्लेख नहीं है, यानी एक तरह से हम ब्रिटिश राज की परंपराओं को ही आगे बढ़ाते रहे हैं।; – अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और रूस में अलग से रेल बजट पेश करने की परंपरा नहीं है।; – वर्ष 2016-17 के अनुमान के मुताबिक, रेलवे की आमदनी के 100 रुपये में से 63 रुपये 80 पैसे माल भाड़े से आते हैं। यात्री किराए से 27 रुपये 60 पैसे आते हैं और अन्य स्रोतों से 8 रुपये 60 पैसे आते हैं।; – 100 रुपये की कमाई में रेलवे के 33 रुपये कर्मचारियों के वेतन पर ख़र्च हो जाते हैं। 21 रुपये फ्यूल यानी बिजली और डीज़ल पर ख़र्च हो जाते हैं। 18 रुपये पेंशन पर ख़र्च हो जाते हैं। 20 रुपये रेलवे फंड, स्टोर और लीज़ चार्ज जैसे ख़र्च में चले जाते हैं और सिर्फ़ 8 रुपये की बचत हो पाती है; – रेलवे की वित्तीय सेहत देखने के लिए सबसे बड़ा पैमाना होता है रेलवे का Operating Ratio यानी परिचालन अनुपात जिसका मतलब ये होता है कि रेलवे को 100 रुपये कमाने में कितने रुपये ख़र्च करने पड़ते हैं।; – वर्ष 2015-16 में रेलवे का Operating Ratio 90% रहा है यानी रेलवे को 100 रुपये कमाने में 90 रुपये ख़र्च करने पड़े और बचे सिर्फ़ 10 रुपये।; – मौजूदा वित्तीय वर्ष 2016-17 में रेल का Operating Ratio 92% रहने का अनुमान लगाया गया है यानी 100 रुपये कमाने के लिए 92 रुपये ख़र्च करने पड़ेंगे और बचेंगे सिर्फ़ 8 रुपये।; – यात्री किराये और माल भाड़े को छोड़ दिया जाए तो भारतीय रेलवे की आमदनी 5 फीसदी से भी कम है जबकि दुनिया के कई दूसरे रेलवे तंत्र में ये आमदनी 20 फीसदी तक होती है।; – भारतीय रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था में स्वाद और बदलाव का तड़का जल्द ही लगेगा। ये लक्ष्य हासिल करने के लिए IRCTC भोजन और उसके वितरण से जुड़ी सेवाओं में सुधार करेगी। – ई-कैटरिंग की सुविधा को 45 से बढ़ाकर 408 स्टेशनों पर शुरू किया जाएगा।; – वैकल्पिक भोजन की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा, यानी fixed menu की जगह अलग-अलग तरह का खानपान उपलब्ध होगा।; – अलग-अलग रूट पर यात्रियों के लिए स्थानीय भोजन यानी Local cuisine की सुविधा भी शुरू की जाएगी।; – गाड़ियों में ताज़ा और स्वच्छ भोजन पहुंचाने के लिए 10 बेस किचन की स्थापना की जाएगी। कुल्हड़ में चाय देने की व्यवस्था भी की जाएगी।; – भारतीय रेलवे में यात्रियों को बेहतर खानपान और सुविधाएं देने के मकसद से Indian Railway Catering and Tourism Corporation यानी IRCTC ने वर्ष 2012 में अपना एक सेंट्रल किचन नोएडा में बनाया जहां दिल्ली से चलने वाली राजधानी, दूरंतो और अगस्त क्रांति एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रियों के लिए खाना तैयार होता है।; – नोएडा स्थित IRCTC किचन में भोजन के रोज़ाना 10 हजार पैकेट और Snacks के 6000 पैकेट तैयार होते हैं। इस महा किचन में रोज़ाना 600 किलो दाल और 600 किलो चावल, 2500 किलो सब्जियां और हज़ारों रोटियां तैयार करने में हाइटेक मशीनें काम करती हैं।; – 22 दिसम्बर 1851 को देश की पहली मालगाड़ी रूड़की से हरिद्वार के क़रीब मौजूद गांव पिरन कलियार के बीच दौड़ी थी।; – हमारे देश की पहली मालगाड़ी ही देश की पहली रेलगाड़ी थी। इस मालगाड़ी से रूड़की में किसानों के लिए मिट्टी और कंस्ट्रक्शन का सामान भेजा गया था।; – भारत की पहली यात्री रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को मुम्बई से ठाणे के बीच दौड़ी थी। 14 बोगी वाली इस ट्रेन में 400 यात्रियों ने सफर किया था।; – इस ट्रेन में मौजूद तीन डब्बों वाले इंजन का नाम सिंध, मुल्तान और साहिब रखा गया था। इस ट्रेन को 40 किलोमीटर का सफर तय करने में 1 घंटा 15 मिनट का वक्त लगा था।; भारतीय रेल के कर्मचारियों की संख्या 13 लाख 7 हज़ार 109 है जो करीब-करीब सेना की संख्या के बराबर है। इस तरह से ये दुनिया का 7वां और डिफेंस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा Employer है।; – भारतीय रेलवे की पटरियों की कुल लम्बाई 1 लाख 8 हज़ार किलोमीटर है। इतनी दूरी में पृथ्वी के ढाई चक्कर लगाए जा सकते हैं।; – भारतीय ट्रेन एक दिन में जितनी दूरी तय करती हैं वह धरती से चांद की दूरी से लगभग ढाई गुना ज्यादा है।; – हर दिन भारतीय रेल में सफर करने वाले लोगों की संख्या करीब ढाई करोड़ है। ये ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर है।; क़रीब 60 वर्ष तक भारतीय ट्रेनों में शौचालय नहीं होते थे। वर्ष 1909 में पैसेंजर ट्रेन से यात्रा कर रहे ओखिल चंद्र सेन नाम के एक यात्री ने इस समस्या से जुड़े अपने निजी अनुभव पर आधारित एक पत्र रेलवे को लिखा। जिसके बाद ब्रिटिश सरकार ने भारतीय ट्रेनों में शौचालय बनाने की शुरुआत की।; – भारतीय रेल का मस्कट भोलू नाम का हाथी है और भारतीय ट्रेनों में मौजूद गार्ड आज भी भोलू हाथी की ड्रेस से मिलती-जुलती पोशाक पहनते हैं।; – भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारत में कुल मिलाकर 7 हजार 112 रेलवे स्टेशन हैं।; – मेतुपलयम ऊटी नीलगिरी पैसेंजर ट्रेन भारत में चलने वाली सबसे धीमी ट्रेन है। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार लगभग 16 किलोमीटर प्रतिघंटा है और कहीं-कहीं इसकी स्पीड 10 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी कम हो जाती है।; – हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस सबसे ज्यादा जगहों पर रुकने वाली एक्सप्रेस ट्रेन है। इसके 115 स्टॉपेज हैं।; – देश की सबसे लेट-लतीफ ट्रेन गुवाहाटी-त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस है। ये ट्रेन औसतन 10 से 12 घंटे देरी से चलती है।; – दुनिया का सबसे लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में है। इस प्लेटफॉर्म की कुल लंबाई 1366 मीटर है।; – भारत में सबसे लंबे नाम वाला रेलवे स्टेशन है वेंकट नरसिंह राजु वारिपटा। इस नाम में कुल 29 शब्द हैं और सबसे छोटे नाम वाला रेलवे स्टेशन है इब जो ओडिसा में है।; – भारतीय रेल दुनिया की सबसे सस्ती रेल सेवाओं में से एक है।; – दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल चिनाब नदी पर बन रहा है। इस रेलवे पुल की ऊंचाई पेरिस के एफिल टावर से भी ज्यादा होगी।

Source: http://zeenews.india.com/hindi/india/zee-jankari-important-facts-about-indian-railways/284459

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Don't have account. Register

Lost Password

Register