कैसा बीतेगा आपका कल जाने यहां…

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वेदों में ज्योतिष को नेत्र बताया गया है, क्योंकि वैदिक काल से ऐसी मान्यता है कि ज्योतिष भविष्य देख सकता है। इसके लिए ज्योतिष में जन्म कुंडली, प्रश्न कुंडली और शकुन शास्त्र जैसे भाग हैं। जिनमें कुंडली के द्वारा भविष्य जानने की विधा सर्वाधिक प्रचलित है। अगर जातक का जन्म तारीख, स्थान और वक्त का सही पता हो तो कुंडली भविष्य की सटीक भविष्यवाणी कर सकती है।

न सिर्फ दीर्घकाल बल्कि ज्योतिष की मदद से व्यक्ति अपने दिन प्रतिदिन का हाल जान सकता है ।

तो अगर आप भी अपने दैनिक, साप्ताहिक या मासिक राषिफल जानना चाहते हैं तो http://hindi.bhanak.com/category/horoscope/ पर क्लिक करें—

कहते हैं कि जन्म के साथ ही हर किसी के जीवन का एक-एक पल ऊपरवाले ने पहले से लिख रखा है, बस हमें पता नहीं होता और हम अपने हिसाब से खुद को कर्ता मानकर उद्म में लगे रहते हैं…लेकिन ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से हम अपने आने वाले कल को भले ही बदल न सकें लेकिन उसके प्रति सचेत ज़रूर हो सकते हैं खुशियों के प्रति आश्वस्त हो सकते हैं और दुखों को ज्योतिष में दिये उपाय करके कम  कर सकते हैं ।

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